राजस्थान में परिवहन
इस लेख में राजस्थान की परिवहन व्यवस्था (सड़क, रेल और वायु) का नवीनतम आंकड़ों सहित विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें राष्ट्रीय राजमार्गों के नए नंबर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और जयपुर मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों को कवर किया गया है। यह REET, RAS और CET की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है।
परिवहन के प्रकार : स्थल परिवहन, वायु परिवहन, जल परिवहन
स्थल परिवहन : 1.सड़क परिवहन 2.रेल परिवहन
सड़क परिवहन
परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग
- परिवहन सेवाओं के सुचारू रूप से संचालन एवं पर्यवेक्षण हेतु राज्य को परिवहन की दृष्टि से 14 संभागों एवं 58 जिलों में विभाजित किया गया है।
- प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों के मुख्यालय एवं उनके अन्तर्गत आने वाले परिवहन जिले निम्नानुसार हैं:
| क्षेत्र | जिलों की संख्या | परिवहन जिला |
|---|---|---|
| जयपुर-I | 2 | जयपुर-I, दूदू |
| जयपुर-II | 4 | जयपुर-II, कोटपुतली, चौमू, शाहपुरा |
| दौसा | 3 | दौसा, सवाईमाधोपुर, करौली |
| सीकर | 5 | सीकर, झुंझुनूँ, चूरू, सुजानगढ़, खेतड़ी |
| अजमेर | 7 | अजमेर, टोंक, नागौर, ब्यावर, डीडवाना, किशनगढ़, केकड़ी |
| अलवर | 2 | अलवर, भिवाड़ी |
| भरतपुर | 2 | भरतपुर, धौलपुर |
| जोधपुर (Ist & IInd) | 7 | जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, बालोतरा, फलौदी, पीपाड़ शहर, पोकरण |
| पाली | 6 | पाली, सिरोही, जालौर, आबूरोड, भीनमाल, सुमेरपुर |
| उदयपुर | 5 | उदयपुर, बाँसवाड़ा, डूँगरपुर, राजसमन्द सलूम्बर |
| चित्तौड़गढ़ | 4 | चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, शाहपुरा |
| कोटा | 5 | कोटा, बूूँदी, झालावाड़, बाराँ, रामगंजमण्डी |
| बीकानेर | 6 | बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, नोहर, नोखा, सादुलशहर |
| योग | 58 |
राज्य में सड़कों की स्थिति
31 मार्च, 2024 तक राज्य में प्रति 100 वर्ग किलोमीटर पर सड़कों का घनत्व 92.66 किलोमीटर है, जबकि राष्ट्रीय सड़क घनत्व प्रति 100 वर्ग किलोमीटर पर 165.24 किमी है। राष्ट्रीय सड़क घनत्व की तुलना में राज्य सड़क घनत्व बहुत कम है।
राज्य में 31 मार्च, 2024 तक सड़कों की लम्बाई
| वर्गीकरण | योग |
|---|---|
| राष्ट्रीय उच्च मार्ग | 10790 |
| राज्य उच्च मार्ग | 17325 |
भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत व्यवसायिक गलियारा के तहत ग्रीन फील्ड परियोजनाओं का निर्माण:
| परियोजना का नाम | राजमार्ग संख्या | लम्बाई किमी. | लाभान्वित जिले |
|---|---|---|---|
| दिल्ली-वडोदरा राष्ट्रीय गलियारा (8-लेन अभिगम नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे) | 148N | 373.63 | अलवर, दौसा, सवाईमाधोपुर, बूँदी व कोटा |
| संगरिया-सांचौर-संथलपुर व्यावसायिक गलियारा (6-लेन अभिगम नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे) (पार्ट ऑफ अमृतसर-जामनगर) | 754K | 636.80 | हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, फलोदी जोधपुर, बालोतरा जालौर |
- स्रोत - N.H.A.I प्रतिवेदन
राज्य में सार्वजनिक निर्माण विभाग सड़कों की लम्बाई दिनांक 31.03.2024 को जिलेवार (लम्बाई किमी. में)
सर्वाधिक सड़कों की लम्बाई
1. बाड़मेर 2. बीकानेर 3. नागौर
कम सड़कों की लम्बाई
1. खैरथल-तिजारा 2. डीग 3. सलूम्बर
सर्वाधिक राष्ट्रीय राजमार्ग की लम्बाई
1. बाड़मेर 2. बीकानेर 3. जैसलमेर
कम राष्ट्रीय राजमार्ग की लम्बाई
1. करौली 2. प्रतापगढ़ 3. डूंगरपुर
राज्य का सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग
NH-52- 793.55 किमी.
NH-11- 763.61 किमी.
NH-62- 726.58 किमी.
सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग
NH - 919 (पुराना नाम 71B)- 5 किमी.
NH - 148 B - 5 किमी.
सबसे लम्बा राज्य राजमार्ग
SH - 1 (कुल लम्बाई - 4031 किमी.)
SH - 7 - (389.05 किमी.) - दूसरा सबसे लम्बा राज्य राजमार्ग
सबसे छोटा राज्य राजमार्ग
SH-18- अन्ता खेडिया रोड से राजपुरिया-बारां (कुल लम्बाई - 1.40 किमी.)
SH-84 (अजमेर)- 1.80 किमी.
सर्वाधिक ग्रामीण सड़कों की लंबाई
1. बाड़मेर 2. जोधपुर 3. नागौर
कम सड़कों से जुड़े गांव जिले
1. खैरथल-तिजारा 2. डीग
सर्वाधिक पंचायत मुख्यालय से जुड़े जिले
1. बाड़मेर 2. उदयपुर 3. जोधपुर
कम पंचायत मुख्यालय से जुड़े जिले
1. कोटा 2. सिरोही 3. बूँदी
दिल्ली-मुम्बई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे
- उद्घाटन- 4 फरवरी, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा बड़ का पाड़ा (दौसा) से किया गया।
- इसका प्रथम फेज सोहना (हरियाणा) से बड का पाड़ा तक 228 किमी. का कार्य पूर्ण हो गया।
- कुल लम्बाई- 1382 किमी.
- राजस्थान में कुल लम्बाई- 373 किमी.
- यह 1 केन्द्र शासित प्रदेश तथा 5 राज्यों से गुजरेगा- दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र
- राजस्थान के निम्न जिलों से गुजरेगा- अलवर, डीग, दौसा, सवाई-माधोपुर, टोंक, बूँदी, कोटा
नवीनतम् जिलों के गठन के बाद परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग हैं
राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग का वर्गीकरण निम्न प्रकार से है-
NH. 48-
कोटपूतली-बहरोड़, जयपुर, अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा चित्तौड़, उदयपुर, डूंगरपुर
यह राजस्थान का सबसे व्यस्ततम राजमार्ग है।
इस पर ट्रोमा हॉस्पिटल स्थित है जिसे घूमता-फिरता हॉस्पिटल कहते हैं, क्योंकि ये आपात कालीन सेवाओं के लिए जाना जाता है।
कुल लंबाई - 709.91 किमी.
पुराना नाम- 8/79/79A/76
NH. 52-
चूरू, सीकर, जयपुर, टोंक, भीलवाड़ा, बूँदी, कोटा, झालावाड़
राजस्थान का सबसे लम्बा NH. (793 किमी.) है।
पुराना नाम- 11/12/65
NH. 58-
चूरू, डीडवाना-कुचामन, नागौर, अजमेर, ब्यावर, राजसमंद, उदयपुर
इस पर पुष्कर झील स्थित है।
पुराना नाम- 8/65/89
NH. 62-
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, पाली, सिरोही
इस पर कोलायत झील स्थित है।
पुराना नाम- 14/15/89
दिल्ली-मुम्बई- औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) क्षेत्र के दूसरे चरण में विकसित किया जा रहा है। रोहट (पाली) औद्योगिक क्षेत्र इसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है।
NH. 11 (763 किमी.)
झुँझुनूँ, सीकर, चूरू, बीकानेर, फलौदी, जैसलमेर
यह राजस्थान का दूसरा लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग है।
इस पर फलौदी- पोकरण स्थित है।
पुराना नाम- 11/15
NH. 68-
जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर
इस पर राष्ट्रीय मरू उद्यान स्थित है।
पुराना नाम- 15
NH. 27-
सिरोही, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बूँदी, कोटा, बाराँ
इस पर कोटा हैंगिंग ब्रिज (झुलता हुआ पुल) स्थित है।
इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर चित्तौड़गढ़ में सावरियाँ सेठ का मन्दिर स्थित है।
पुराना नाम- 76/14
NH. 56-
चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बाँसवाड़ा
पुराना नाम- 8/79/113
NH. 148 N-
अलवर, दौसा, सवाईमाधोपुर, बूंदी, कोटा,
पुराना नाम- 148N
NH. 754K-
हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, फलौदी, जोधपुर, बालोतरा, जालौर
NH. 44-
धौलपुर
पुराना नाम- 3
NH. 21-
जयपुर, दौसा, भरतपुर
इस पर जयपुर में घाट की गुणी सुरंग स्थित है।
इस पर केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
पुराना नाम- 11
NH. 71B-
अलवर-सोहाना (हरियाणा)
नया नाम- 919
यह राजस्थान का सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग है। (5 किमी.)
राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना
संचालित- 1999-2000
वित्तीय सहायता- विश्व बैंक, एशियाई बैंक, जापान
इस परियोजना के तहत निम्न सड़क परियोजनाएँ संचालित है-
1. राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना
प्रथम-स्वर्णिम चतुर्भुज योजना: यह परियोजना भारत के महानगरों, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई तथा मुम्बई को जोड़ने की योजना है।
कुल लम्बाई- 1483 किमी.
राजस्थान में कुल लम्बाई- 722 किमी.
इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग- 48 के जिले आएँगे।
2. राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना - द्वितीय, भाग-प्रथम (पूर्व-पश्चिम गलियारा)
कुल लम्बाई- 3640 किमी.
राजस्थान में कुल लम्बाई- 528 किमी.
यह परियोजना सिलचर (असम) से पोरबंदर (गुजरात) को जोड़ने के लिए है।
इसके मार्ग में राजस्थान के 7 जिले आते हैं- सिरोही,
उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, बाराँ
इसमें से NH-27 गुजरता है।
3. राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना - द्वितीय, भाग-द्वितीय (उत्तर-दक्षिणी गलियारा)
कुल लम्बाई- 4016 किमी.
राजस्थान में कुल लम्बाई- 28 किमी.
यह परियोजना कन्याकुमारी तक जोड़ने की योजना है।
इसके मार्ग में राजस्थान का एकमात्र जिला- धौलपुर
इसके मार्ग में राज्य में एकमात्र राष्ट्रीय राजमार्ग आता है- NH- 3 (नया नाम NH-44)
4. राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना- तृतीय, जयपुर, आगरा
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-21) है, जिसका कार्य पूर्ण हो चुका है।
राज्य सरकार की सड़क परियोजनाएँ
- मेगा हाइवे परियोजना रिड़कोर : RIDCOR (रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कम्पनी ऑफ राजस्थान लिमिटेड) की स्थापना 2004
- मुख्यमंत्री सड़क योजना : शुरूआत 7 अक्टूबर, 2005
- चेतक परियोजना : यह राज्य के सीमावर्ती इलाकों, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर एवं श्रीगंगानगर इत्यादि में सामरिक महत्त्व की सड़कें बनाने की सीमा सड़क संगठन (स्थापना-1960, मुख्यालय नई दिल्ली) की परियोजना है।
- ग्रामीण गौरव पथ परियोजना : शुरूआत : 2004-05 इसके तहत प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर 0.5 से 2 किमी लम्बी सड़क निर्माण ग्रामीण गौरव पथ के रूप में किया जायेगा।
- भारतमाला परियोजना - शुरूआत : 31 जुलाई, 2015
- भारत सरकार द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों, पर्यटन महत्त्व को बढ़ावा देने के लिए।
- 24 जुलाई, 2024 को राजस्थान राज्य सड़क परिवहन की सेवाओं से जुड़ी यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए ‘समाधान’ नामक एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया।
- राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम- स्थापना 1 अक्टूबर, 1964
- राजस्थान लोक परिवहन सेवा का शुभारंभ 13 नवम्बर, 2015 को किया गया।
- राजस्थान में ग्रामीण बस सेवा 14 दिसंबर, 2012 को उदयपुर जिले से प्रारंभ हुई।
- राजस्थान में सर्वप्रथम राजकीय बस सेवा 1952 में टोंक से प्रारंभ की गई।
- राजस्थान की प्रथम सड़क नीति 1994 में घोषित की जो देश का प्रथम राज्य है।
- मार्च, 2024 तक राजस्थान के 91.09% प्रतिशत गाँव सड़कों से जुड़ गए हैं।
- सड़क अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट जनवरी, 2002 से नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से संचालित है इसके द्वारा सड़कों की मरम्मत की जा रही हैं।
परिवहन से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
सड़क नीति- 1994
यह राजस्थान की पहली सड़क नीति है।
PM ग्राम सड़क योजना लागू हो जाने के कारण इसके उद्देश्य पूर्ण हो गए।
सड़क नीति- 2002 के उद्देश्य-
- यह दूसरी सड़क नीति है।
सड़क नीति- 2013
- यह तीसरी सड़क नीति है।
- गाँवों को राष्ट्र के मुख्य बिंदु से जोड़ना
- सड़कों पर वृक्षारोपण करना
रोड विजन- 2025
- रोड विजन- 2025 = लागू = 2000
उद्देश्य-
- शुरू के 15 वर्षों में गाँवों को सड़कों से जोड़ना
- अंतिम 10 वर्षों में एक्सप्रेस वे फ्लाई ओवर का निर्माण करना
- रिडकोर (RIDCOR)- रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कम्पनी ऑफ राजस्थान
- स्थापना- 2004
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना- 25 दिसम्बर, 2000
- मुख्यमंत्री सड़क योजना- 7 अक्टूबर, 2005
- राजस्थान में ग्रामीण बस सेवा शुरुआत- उदयपुर 14 दिसम्बर, 2012
- राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम- 1 अक्टूबर, 1964
- राजस्थान लोक परिवहन- 13 नवम्बर, 2015
- राजस्थान में प्रथम राजकीय बस की शुरुआत- 1952 टोंक से
- परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग को अधिसूचना दिनांक 08.10.2007 द्वारा लीड एवं नोडल एजेन्सी घोषित किया गया।
- राज्य में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 99 प्रतिशत सड़क कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में एवं 1 प्रतिशत सड़क कार्य शहरी क्षेत्रों में किये जा रहे हैं।
- दिनांक 01.10.2021 को परिवहन विभाग का नाम परिवर्तित कर "परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग" किया गया है।
रेल परिवहन
- मार्च, 2021 में राज्य में रेल मार्गों की कुल लम्बाई 6,019 किलोमीटर थी, जो कि मार्च, 2022 के अन्त तक 6,046 किलोमीटर (भारतीय रेलवे की वार्षिक पुस्तक 2021-22 के अनुसार) राज्य में रेलमार्ग 68,043 किलोमीटर लम्बाई के भारतीय रेलमार्ग का 8.89 प्रतिशत है।
- रेल परिवहन: भारतीय रेल प्रणाली एशिया की सबसे बड़ी रेल प्रणाली मानी जाती है।
- भारत में रेलवे क्षेत्रों की संख्या- 20
- राजस्थान में रेलवे क्षेत्र (Zone) उत्तर-पश्चिमी रेलवे जोन
- मुख्यालय- जयपुर
- स्थापना- 10 अक्टूबर, 2002
- राजस्थान में रेल मण्डल- 5
नोट - कोटा एकमात्र रेल मण्डल है जो उत्तर-पश्चिम रेलवे के अन्तर्गत नहीं है।
- कोटा रेल मण्डल मध्य-पश्चिम रेलवे क्षेत्र के अधीन कार्य कर रहा है- जिसका मुख्यालय जबलपुर (मध्यप्रदेश)
- राजस्थान में प्रथम रेल 21 अप्रैल, 1874 को आगरा फोर्ट (उत्तरप्रदेश) से बाँदीकुई (दौसा) तक चली।
- राजस्थान में पहली रेल बस 2 अक्टूबर, 1994 को मेड़ता रोड से मेड़ता सिटी (नागौर) के मध्य चली।
राजस्थान में 4-वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हैं-
- अजमेर- चंडीगढ़
- जोधपुर- साबरमती
- उदयपुर सिटी- जयपुर
- उदयपुर सिटी- आगरा कैंट
रेलवे-लाईन व उनके मध्य की दूरियाँ
- ब्रॉडगेज (बड़ी)- दूरी 1.67 मीटर
- मीटर गेज (मध्यम)- दूरी 1 मीटर
- नैरो गेज (छोटी)- दूरी 0.66 मीटर
- 1925 में रेलवे बजट को आम बजट से अलग किया गया तथा 2017 में पुनः एक कर दिया गया है।
- राजस्थान में एक अन्तर्राष्ट्रीय रेल चलती हैं- थार एक्सप्रेस मुनाबाव (बाड़मेर) से खोखरापार (पाकिस्तान) तक
- 1965 में भारत-पाक युद्ध के समय इसको बंद कर दिया गया तथा पुनः 2006 में फिर से शुरू कर दिया गया।
नोट- खातीपुरा रेलवे स्टेशन (जगतपुरा, जयपुर) को सेटेलाइट के रूप में विकसित किया जा रहा है।
राजस्थान में मेट्रो प्रोजेक्ट
शिलान्यास - 24 फरवरी, 2011, प्रारम्भ- 3 जून, 2015
जयपुर मेट्रो विकास दो चरणों में पूरा होगा।
प्रथम कॉरिडोर - मानसरोवर से बड़ी चौपड़
मानसरोवर से बड़ी चौपड़ का कार्य दो चरणों में किया जा रहा है।
प्रथम चरण - मानसरोवर से चांदपोल
प्रारंभ - 3 जून, 2015
द्वितीय चरण - चांदपोल से बड़ी चौपड़
कुल दूरी - 35.16 किलोमीटर
मेट्रो के संचालन के लिए जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का गठन 1 जनवरी 2010 को किया गया।
द्वितीय कॉरिडोर - सीतापुरा से अम्बाबाड़ी तक होगा।
- फेयरी क्वीन (1855 ई.) - विश्व का सबसे पुराना एवं वर्तमान में कार्यरत भाप का इंजन।
- इस इंजन से पहली रेलगाड़ी जोधपुर व पाली के मध्य चलायी गई।
- वर्तमान में यह शेखावाटी क्षेत्र में पर्यटन के लिए चल रहा है।
- राजस्थान का सौर ऊर्जा चलित रेलवे स्टेशन (राजसमंद) गोरम घाट, रेलवे स्टेशन
- रेलवे भर्ती मण्डल- अजमेर
- रेलवे मॉडल कक्ष- उदयपुर
- रेलवे अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र- पंचपदरा, बालोतरा
- रेलवे विद्युत लोकोशेड- कोटा
- लोको कारखाना- अजमेर (1872)
- पहला लोको इंजन 1895 ई. में तैयार हुआ था।
वायु परिवहन
वायु परिवहन संघ सूची का विषय है।
रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम
वर्तमान में राज्य में इस स्कीम के अन्तर्गत निम्न मार्गों पर वायु सेवा संचालित है: 1. इंदौर-किशनगढ़-इंदौर, 2. दिल्ली-बीकानेर-दिल्ली, 3. अहमदाबाद-जैसलमेर-अहमदाबाद, 4. दिल्ली-किशनगढ़-दिल्ली, 5. सूरत-जैसलमेर-सूरत, 6. किशनगढ़-हैदराबाद-किशनगढ़, 7. अहमदाबाद-किशनगढ़-अहमदाबाद 8. सूरत-किशनगढ़-सूरत
उक्त सेवा वर्ष 2017 में प्रारम्भ हुई थी।
हवाई पट्टियों का निर्माण एवं विकास
राजस्थान राज्य में वर्तमान में कुल 33 एयरपोर्ट/हवाई पट्टियाँ उपलब्ध हैं। इनमें से 4 एयरपोर्ट क्रमशः जयपुर, उदयपुर, कोटा एवं किशनगढ़ (अजमेर) भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण तथा 6 एयरपोर्ट क्रमशः बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, सूरतगढ़ एवं फलौदी भारतीय वायुसेना/सेना के अधीन हैं।
शेष 23 हवाई पट्टियों में से 4 हवाई पट्टियाँ क्रमशः कांकरोली (जे.के. ग्रुप), पिलानी (बिड़ला ग्रुप), वनस्थली (वनस्थली विद्यापीठ) एवं बाराँ (अडानी ग्रुप) की हैं। अन्य शेष रही हवाई पट्टियाँ राज्य सरकार के स्वामित्व की हैं, जिसके अनुरक्षण, विकास, विस्तार एवं निर्माण का कार्य नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा संबंधित जिला कलेक्टर के परिवीक्षण में सार्वजनिक निर्माण विभाग से करवाया जाता है।
राजकीय हवाई पट्टियों का विवरण निम्न प्रकार है:
| हवाई पट्टी का नाम | जिला |
|---|---|
| आबू रोड़ | सिरोही |
| डोवरा | डूंगरपुर |
| हमीरगढ़ | भीलवाड़ा |
| झुन्झुनूँ | झुन्झुनूँ |
| कोलाना | झालावाड़ |
| लालगढ़ | श्रीगंगानगर |
| नागौर | नागौर |
| नुन | जालौर |
| फलौदी | फलौदी |
| सिरोही | सिरोही |
| सोजत | पाली |
| चकचैनपुरा | सवाईमाधोपुर |
| तारपुरा | सीकर |
| थानागाजी | अलवर |
| तलवाड़ा | बाँसवाड़ा |
| परिहारा | चूरू |
| भरतपुर | भरतपुर |
| प्रतापगढ़ | प्रतापगढ़ |
| विश्नोदा | धौलपुर |
- राजस्थान में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा- सांगानेर हवाई अड्डा, देश का 14 वाँ अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा।
- दिसम्बर, 2005 में हवाई अड्डे का दर्जा दिया और फरवरी, 2006 में अधिसूचना जारी की गई।
- सांगानेर हवाई अड्डे से 2002 को दुबई के लिए वायु सेवा शुरू की थी।
राजस्थान वायु सेना के अधीन काम करने वाले सैनिक हवाई अड्डे
- फलौदी
- सूरतगढ़- श्रीगंगानगर
- उत्तरलाई- बाड़मेर
- नाल- बीकानेर
- राजस्थान का प्रथम भूमिगत हवाई अड्डा- नाल
राजस्थान में 4 हवाई पट्टियाँ निजी क्षेत्र के अधीन है-
- कांकरोली (नाथद्वारा) राजसमंद- जे.के. ग्रुप
- वनस्थली विद्यापीठ टोंक- अडानी ग्रुप
- पिलानी (झुँझुनूँ)- बिड़ला ग्रुप
- बाराँ- अडानी ग्रुप
ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट सार्वजनिक सहभागिता के आधार पर बनने वाले एयरपोर्ट
नीमराणा-अलवर एयरपोर्ट दिल्ली- मुंबई औद्योगिक कोरिडोर के तहत विकसित किया जायेगा।
- नीमराणा (कोटपूतली-बहरोड़)
- किशनगढ़ (अजमेर)
राजस्थान में छः हवाई पट्टियाँ एयर फोर्स के अधीन हैं: जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, सूरतगढ़, फलौदी
- राजस्थान में सर्वप्रथम 1929 में जोधपुर के महाराजा श्री उम्मेदसिंह ने फ्लाइंग क्लब खोला।
- 1 अगस्त, 1953 में भारतीय वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण किया गया।
- पवन हंस हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड - पेट्रोलियम क्षेत्र व पर्यटन क्षेत्र में सेवाएँ प्रदान करता है।
- प्रदेश का पहला एयरोट्रोपालिस एयरपोर्ट कहाँ बनेगा - कोटकासिम (खैरथल-तिजारा)






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