राजस्थान में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार तकनीकी

राजस्थान में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार तकनीकी

इस लेख में राजस्थान में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार तकनीकी के विकास, महत्वपूर्ण संस्थानों और सरकारी डिजिटल योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है। इसमें जन सूचना पोर्टल, राज-काज, जन आधार योजना और RS-CIT जैसे प्रमुख विषयों को कवर किया गया है। यह लेख RAS, REET, CET और राजस्थान पुलिस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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  • राजस्थान में सूचना प्रौद्योगिकी परियोजनाओं को सुव्यवस्थित योजनाबद्ध एवं उचित दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 1987 में कम्प्यूटर निदेशालय की स्थापना की गई।
  • 30 सितम्बर, 1997 को कम्प्यूटर निदेशालय का नाम बदलकर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग किया गया।
  • 13 मई, 2002 को पुनः इसका नाम बदलकर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग किया गया।

राजस्थान में सूचना तकनीकी से सम्बन्धित प्रमुख संगठन एवं योजनाएँ

  1. वर्ष 1989 में राज्य सरकार ने राजस्थान स्टेट कम्प्यूटर सर्विसेज- राजकॉम (Rajasthan State Computer services- Raj Comp) नाम उपक्रम की सोसाईटी के रूप में स्थापना की थी। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार क्षेत्र में प्रशिक्षण, राज्य सरकार के विभागों को तकनीकी परामर्श प्रदान करना एवं परियोजनाओं को क्रियान्वित करना है।
  2. शहरी एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी शिक्षा प्रदान कर डिजिटल डिवाईड को मिटाने हेतु राजस्थान नॉलेज कारपोरेशन की स्थापना की गई है। आर. के. सी. एल. का 'RS-CIT' पाठ्यक्रम राजस्थान सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है।
  3. जन सूचना पोर्टल- जन सूचना पोर्टल अपनी तरह का पहला ऐसा प्रयास है जिसके माध्यम से सरकार द्वारा वार्ड/पंचायत स्तर तक क्रियान्वित सभी योजनाओं की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध करवाई जा रही है। यह सूचना के अधिकार, 2005 की धारा 4 (2) को क्रियान्वित करता है।
  4. राज उद्योग मित्र- यदि कोई व्यक्ति नये सूक्ष्म, लघु या मध्यम उद्यमों (MSME) को शुरू करना या उसे संचालित करना चाहता है, तो उसे एमएसएमई एक्ट 2019 के तहत् राज्य में 3 साल तक किसी भी प्रकार की स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं है। उद्यमी राज उद्योग मित्र पोर्टल पर आधार नंबर के माध्यम से रजिस्टर करके 3 साल तक का स्वीकृति पत्र प्राप्त कर सकता है।
  5. राजस्थान सम्पर्क- राजस्थान सम्पर्क पोर्टल आमजन को विभिन्न प्रकार की शिकायतों को दर्ज करने एवं समाधान प्रक्रिया की ट्रैकिंग के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करता है। साथ ही विभागीय अधिकारियों को आमजन द्वारा दर्ज की गई शिकायतों के समाधान हेतु माध्यम प्रदान करता है।
  6. नागरिक सम्पर्क केन्द्र (Citizen Contact Centre)- नागरिक सम्पर्क केन्द्र के माध्यम से टोल-फ्री नम्बर 1800-180-6127 एवं 181 पर राजस्थान सरकार के समस्त विभागों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा राजस्थान सम्पर्क के अन्तर्गत जनसमस्या दर्ज करा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। लॉक डाउन दिनांक 24 मार्च 2020 से आज दिनांक तथा लगातार राजस्थान सम्पर्क हैल्पलाईन 181 वार रूम के द्वारा अपनी सेवाएँ 24*7 सुचारू दी जा रही है।
  7. वीडियोवॉल- राज्य के प्रत्येक जिला मुख्यालय एवं पंचायत समिति स्तर तक के आमजन निवासियों के लिये विभिन्न सरकारी नवाचारों विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं और लाईव ईवेन्ट्स की ऑडियो-वीडियो स्ट्रीमिंग का प्रसारण करने के लिये वीडियोवॉल की स्थापना की गई है।
  8. राजवीसी- राजस्थान सरकार ने विभाग मुख्यालय, विभाग कार्यालयों, जिला मुख्यालयों (प्रत्येक DHQ में 2) एसडीएम/तहसील कार्यालयों, नगर नगरों और ब्लॉक मुख्यालयों में हार्डवेयर आधारित वीसी सेटअप स्थापित किया है।
  9. राजस्वान- भारत सरकार द्वारा मार्च 2005 में देश भर के प्रत्येक राज्य में स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (SWAN) स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत् राजस्थान सरकार द्वारा एनईजीपी की परियोजना (NeGP) के भाग के रूप में राज्य में डाटा, टेलीफोन और वीडियो संचार की सुविधा उपलब्ध करवाने हेतु स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क परिकल्पित किया है। विभाग में राजस्वान परियोजना वर्ष फरवरी 2013 से निष्पादित की जा रही है।
  10. राज ई-साइन (Raj E-sign)- प्रदेश के नागरिकों को आधार एकीकृत ईलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षर की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करवाई गई है।
  11. स्टेट पोर्टल- स्टेट पोर्टल के माध्यम से राजस्थान सरकार से संबंधित सभी जानकारी यथा सचिवालय, प्रशासन, विभिन्न विभाग, निर्वाचन, नगरपालिका, विधानसभा, रोजगार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, ई-बाजार, आमजन से जुड़ी सुविधाएँ, राजस्थान की कला, संस्कृति, विरासत, पर्यटन संबंधी जानकारी/व्यवहार आदि एकीकृत रूप से उपलब्ध करवाया जाता है।
  12. राज-काज (इन्टीग्रेटेड राज ई-ऑफिस)- राज्य सरकार के सभी राजकीय विभागों/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/बोर्ड/कॉरपोरेशन इत्यादि में विभागीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करते हुए कर्मचारियों/अधिकारियों के हित में राजकाज (इन्टीग्रेटेड राज ई-ऑफिस) परियोजना प्रारम्भ की गई है।
  13. राज ई-वॉल्ट- राज ई-वॉल्ट के माध्यम से राजस्थान प्रदेश के नागरिकों को अपने दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक रूप से सुरक्षित रखने की सुविधा दी जा रही है।

राजस्थान जन आधार कार्ड योजना

राज्य सरकार के द्वारा 18 दिसम्बर 2019 को राजस्थान जन आधार कार्ड योजना की घोषणा की गई।
यह कार्ड पुरानी सरकार के भामाशाह कार्ड का स्थान लेगा।
इस कार्ड में 10 अंकीय पहचान संख्या होगी।
इस कार्ड से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जायेगा।

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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को RPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।